Part 3: आख़िरी मुलाकात और अधूरी मोहब्बत
अस्पताल की ICU के बाहर Rahut कई घंटों से बैठा था। उसकी आँखें लाल थीं, हाथ काँप रहे थे, और दिल… जैसे हर पल टूट रहा हो। अंदर डॉक्टर लगातार कोशिश कर रहे थे। मशीनों की आवाज़, नर्सों की फुसफुसाहट — सब कुछ Rahut के लिए किसी डरावने सपने जैसा था। हर मिनट उसे लग रहा था, जैसे ज़िंदगी उससे कुछ छीनने वाली है। आख़िरी बार मिलने की इजाज़त काफी देर बाद एक डॉक्टर बाहर आए। “आप अंदर मिल सकते हैं… पर ज़्यादा देर नहीं।” Rahut की साँस अटक गई। वो धीरे-धीरे ICU के अंदर गया। कमज़ोर मुस्कान Aarti बेड पर लेटी थी। कमज़ोर, थकी हुई… लेकिन चेहरे पर वही पहचान वाली मुस्कान। Rahut ने उसका हाथ थामा। वो हाथ अब पहले जैसा गर्म नहीं था। “Aarti…” उसकी आवाज़ टूट गई। Aarti ने धीरे से आँखें खोलीं। “रो क्यों रहे हो?” वो बहुत हल्की आवाज़ में बोली। अधूरी बातें Rahut ने आँसू रोकते हुए कहा, “तुम ठीक हो जाओगी… हम सब कुछ पूरा करेंगे।” Aarti हल्का सा मुस्कराई। “Rahut… मुझे पता है… अब ज़्यादा समय नहीं है।” Rahut ने सिर हिला दिया, जैसे वो सच को मानने से इंकार कर रहा हो। आख़िरी ख़्वाहिश Aarti ने उसका हाथ और कसकर पकड़ा। “एक वाद...